छत्तीसगढ़ / बीजापुर
जिले में निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए विशेष तकनीकी प्रकोष्ठ का गठन
बीजापुर । जिले में संचालित समस्त निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों एवं सूचनाओं के त्वरित परीक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तर पर एक विशेष तकनीकी प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। यह प्रकोष्ठ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और पारदर्शिता की निगरानी करेगा।
प्रकोष्ठ की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर उत्तम सिंह पंचारी करेंगे। वहीं जिला कोषालय अधिकारी महावीर प्रसाद टण्डन को सदस्य सचिव बनाया गया है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता डी कुमार बिसेन, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता रमेश नेताम तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन कुमार टोंडे को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
प्रकोष्ठ के प्रमुख कार्य एवं दायित्व- प्रकोष्ठ द्वारा जिले में संचालित सभी निर्माण कार्यों से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं का परीक्षण किया जाएगा। आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण कर तकनीकी जांच की जाएगी तथा कार्यों की गुणवत्ता, प्राक्कलन और प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या दोष पाया जाता है, तो कारण सहित विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रत्येक प्रकरण में जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सुधारात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई हेतु अनुशंसा भी की जाएगी।
प्रकोष्ठ को आवश्यकता अनुसार किसी भी तकनीकी विशेषज्ञ को आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाने का अधिकार होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मुख्यधारा में लौटे युवाओं को मिल रहा सशक्त सहारा, आयुष्मान कार्ड से लाखों का मुफ्त इलाज, पुनर्वासित युवाओं में दिखा उत्साह
बीजापुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में माओवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे पुनर्वासित युवाओं को अब शासन की विभिन्न योजनाओं का व्यापक लाभ मिल रहा है। प्रशासन द्वारा इन युवाओं को नई शुरुआत देने के लिए जरूरी दस्तावेजों और सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।
दस्तावेजों से लेकर स्वास्थ्य तक पूरा सहयोग- पुनर्वासित युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें राशन कार्ड, आधार कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं, जिससे वे आर्थिक चिंता के बिना इलाज करा सकें।
आयुष्मान योजनाओं से व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा- जिला चिकित्सालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम में पुनर्वासित युवाओं को आयुष्मान कार्ड प्रदान किए गए। इस कार्ड के माध्यम से विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के तहत उन्हें बड़ा लाभ मिलेगा- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज, एपीएल परिवारों को 50 हजार रुपये तक का इलाज लाभ, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत, दुर्लभ एवं गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सहायता साथ ही लाभार्थियों को योजनाओं के उपयोग और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
युवाओं में दिखा नया आत्मविश्वास- आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने के बाद पुनर्वासित युवाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने शासन और प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई।
समावेशी विकास की ओर मजबूत कदम- यह पहल न केवल पुनर्वासित युवाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए भी प्रेरित कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ऐसे सभी युवाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए।
मेन्ट्टुपल्ली में मीजल्स-रूबेला सर्वेः तीन संदिग्ध बच्चों के सैंपल लिए गए
बीजापुर । भोपालपट्टनम ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले उप स्वास्थ्य केन्द्र पामगल के आश्रित ग्राम मेन्ट्टुपल्ली में आज 23 अप्रैल 2026 को मीजल्स-रूबेला (खसरा-रूबेला) बीमारी को लेकर व्यापक सर्वे अभियान चलाया गया। इस सर्वे में RBSK टीम एवं फील्ड कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
सर्वे के दौरान टीम ने गांव के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और संभावित लक्षणों की गहन जांच की। जांच के क्रम में तीन बच्चों में मीजल्स-रूबेला के संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिनके सैंपल लेकर आगे की जांच हेतु भेजे गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि सर्वे का उद्देश्य समय रहते बीमारी की पहचान कर रोकथाम सुनिश्चित करना है। टीम ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बच्चों के टीकाकरण और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील भी की। इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार 2.0 पर बड़ा फोकस : कलेक्टर, सीईओ ने पटवारी और सचिवों को दिए सख्त निर्देश
बीजापुर। जिले में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं बस्तर मुन्ने एवं नियद नेल्लानार 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के समस्त पटवारी एवं ग्राम सचिव उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने दोनों योजनाओं के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक शासन की सुविधाएं पहुंचाना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियद नेल्लानार 2.0 के अंतर्गत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए सभी पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सर्वे कार्य को गंभीरता से लेने और समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सर्वे के दौरान कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए। कलेक्टर एवं सीईओ ने सभी पटवारी और सचिवों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर योजनाओं को सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों से जुड़ी जानकारी साझा की और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
कलेक्टर-मीडिया संवाद से विकास को नई दिशा
नक्सल-मुक्त बीजापुर में सामुदायिक सहभागिता पर जोर, हर माह होगी नियमित बैठक
बीजापुर 22 अप्रैल 2026
नक्सल-मुक्त बीजापुर को विकास की नई राह पर अग्रसर करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर सार्थक चर्चा हुई।
चार दशकों की चुनौती के बाद नया अवसर- बीजापुर जिला पिछले चार दशकों से माओवाद प्रभावित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। अब नक्सल-मुक्त स्थिति बनने के बाद जिले के समग्र विकास के लिए सामुदायिक सहभागिता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मीडिया की भूमिका पर हुई विस्तृत चर्चा- बैठक में मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में रिपोर्टिंग के दौरान किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्तमान में स्थितियां कैसे बदल रही हैं। साथ ही, स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को भी विस्तार से रखा गया।
समन्वय और पारदर्शिता पर जोर- कलेक्टर श्री मिश्रा ने प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर तालमेल, पारदर्शिता और सहभागिता को विकास की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि मीडिया की सक्रिय भूमिका से योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना आसान होगा और जनभागीदारी भी बढ़ेगी।
हर माह होगी नियमित बैठक- बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को कलेक्टर और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की जाएगी। इससे संवाद और समन्वय को निरंतर मजबूती मिलेगी।
बीजापुर की बदलती तस्वीर की ओर कदम- मीडिया और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बीजापुर को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल सहित जिले के कई मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
‘बाल विवाह मुक्त‘ पंचायत घोषणा पूर्व 7 दिवस में मांगी गई आपत्तियां
बीजापुर 22 अप्रैल 2026
राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान‘ के तहत जिला बीजापुर की 19 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में चयनित 19 ग्राम पंचायतों ने पिछले दो वर्षों में बाल विवाह की कोई घटना न होने की पुष्टि की है। ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर इन पंचायतों को ‘बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है।
आपत्तियों के लिए 7 दिन का समय- प्रशासन ने इस घोषणा पर आम नागरिकों, संस्थाओं एवं निकायों से आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी को इन पंचायतों में बाल विवाह से संबंधित कोई जानकारी या आपत्ति हो, तो वह विज्ञप्ति जारी होने के 7 दिनों के भीतर लिखित रूप में अपने दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। दावा-आपत्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्टर कार्यालय, प्रथम तल कक्ष क्रमांक डी-1, बीजापुर में कार्यालयीन समय सुबह 10ः00 बजे से शाम 05ः30 बजे तक में जमा की जा सकती है।
घोषित ग्राम पंचायतें-पालागुड़ा, एरमनार, धनोरा, ईटपाल, मोरमेड, पापनपाल, दुगोली, चेरपाल, लिंगापुर, गोटाईगुड़ा, रुद्रारम, अटुकपल्ली, मंगापेटा, तालनार, मिरतुर, बड़ेतुंगाली, मंगलनार, मंडेम, उसकापटनम शामिल है।
छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी योजना बस्तर मुन्ने ‘अग्रणी बस्तर‘ और नियद-नेल्लानार 2.0 से बीजापुर में विकास को मिलेगी गति -कलेक्टर श्री संबित मिश्रा
बीजापुर के सभी गांवों तेजी से होगा विकास
बीजापुर 22 अप्रैल 2026
माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग को नक्सल मुक्त होने के बाद विकास कार्यों में तेजी लाने दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का क्रियान्वयन होने जा रहा है जिसमें बस्तर मुन्ने जिसका गोंडी में शाब्दिक अर्थ है अग्रणी बस्तर और दूसरा योजना नियद नेल्लानार 2.0 इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वे में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित पाए गए परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। बस्तर मुन्ने अभियान के तहत सभी गांवों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीणो के मांग पर प्राथमिकता के साथ मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली पानी सड़क अस्पताल मोबाइल टावर जैसे प्रमुख 8-10 अधोसंरचना को पहले प्राथमिकता दी जाएगी जिसको ग्राम सभा के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि गांव के विकास के लिए पहले तीन महत्वपूर्ण कार्यों के लिए प्रस्ताव पारित होगा जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण भी किया जाएगा। वहीं पूर्व में नियद नेल्लानार अभियान के तहत पुलिस सुरक्षा कैंप 10 किलोमीटर की परिधि वाले गांव को शामिल किया गया था। किंतु अब बीजापुर नक्सल मुक्त होने से नियद नेल्लानार 2.0 के तहत जिले के सभी गांव और ग्राम पंचायत दायरे में आ गया है। जिसमें 31 व्यक्ति मूलक योजनाओं, 14 सामुदायिक सुविधाएं और 10 वांछित योजनाओं के कार्य शत-प्रतिशत सैचुरेशन किए जाएंगे।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने बताया कि उक्त योजनाओं को जमीनी स्तर शत-प्रतिशत सैचुरेशन करने मैदानी अमला एक सप्ताह तक गांव में रहकर सभी हितग्राहियों से डोर-टू-डोर मिलेंगे और सर्वे करेंगे तत्पश्चात शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को लाभान्वित करेंगे। यह सर्वे 27 अप्रैल से शुरू होगा जिसमें पहले चरण में 80 गांव शामिल होगा और सभी गांवों में क्रमशः होगा। कलेक्टर श्री मिश्रा ने उक्त अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार स्थानीय स्तर पर मुनादी कराने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं जिला जनपद एवं पंचायत स्तर के अध्यक्ष उपाध्यक्ष और समस्त सदस्यों तथा जिले के मीडिया प्रतिनिधियों से भी आग्रह करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के इस महत्वाकांक्षी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने को कहा है। साथ सभी ग्रामीणों को विकास के अभियान में शामिल होने और सर्वे में आने वाले अधिकारी कर्मचारियों को सहयोग करने अपने समस्त दस्तावेजों को घर सुरक्षित रखने का भी आह्वान किया है ताकि इस अभियान कोई भी व्यक्ति छूटे और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके और नक्सल मुक्त बीजापुर विकास की ओर अग्रसर बढ़ सके।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ढाबों और किराना दुकान का औचक निरीक्षण
अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आगे की कार्रवाई के कड़े निर्देश
बीजापुर 22 अप्रैल 2026
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले के किराना दुकान व ढाबे का औचक निरीक्षण किया गया। अभिहीत अधिकारी श्री डीके देवांगन के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री अंकित गुप्ता द्वारा शहर के बबलू किराना एवं जनरल स्टोर तथा बिट्टू ढाबा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बबलू किराना से सत्तू का नमूना लेकर जांच हेतु लिया गया। इसी तरह बिट्टू ढाबा के निरीक्षण के दौरान ढाबे के रसोई में अस्वच्छता और अव्यवस्था पाई गई। जिस पर ढाबा संचालक को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। और पाई गई कमियों का रिपोर्ट तैयार किया गया जिसके आधार पर ढाबा संचालक को नोटिस भेजा गया है। नोटिस का पालन नहीं किये जाने पर संबंधित के विरूद्ध खाद्य सुरक्षा एंव मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह भैरमगढ़ में मेसर्स चंदन इन्टरप्राइजेस से फरसान आटा और बालूशाही का नमूनां लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया था। साथ ही संबंधित के विरूद्ध मिथ्याछाप खाद्य सामाग्री विकय करने की कार्यवाही भी की गई थी। लिये गए नमूने का जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर 24 अप्रैल को विशेष ग्राम सभा का आयोजन
बीजापुर 22 अप्रैल 2026
लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण को मजबूत करने के उद्देश्य से हर वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत में स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक शुरूआत का प्रतीक है। जब वर्ष 1993 में 73 वंेे संविधान संशोसन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा मिला।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने 24 अप्रैल 2026 को सभी ग्राम पंचायत में पंचायती राज दिवस के अवसर पर निम्न गतिविधियों का आयोजन किये जाने निर्देश दिए गए है। जिसके तहत 24 अप्रैल को विशेष ग्राम सभा का आयोजन करना। ग्राम के समस्त निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना। ग्राम के वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित करना। ग्राम संवाद जिसमें ग्राम वासियों हेतु माननीय उप मुख्यमंत्री पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 24 मिनट का रिकार्डेड आडियो के माध्यम से संदेश। ग्राम संपदा ऐप में ग्राम के समस्त परिसम्पतियों के अपलोड किऐ जाने का संकल्प व वाचन। आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत हमारा कोष-हमारा अधिकार हेतु संकल्प पारित करना समर्थ पोर्टल अंतर्गत शत प्रतिशत कर आरोपण कर शतप्रतिशत वसूल किया जाना। ग्राम के ऐसे व्यक्ति यथा कलाकार, नर्तक, खिलाड़ी या अन्य विधा में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरूस्कार प्राप्त किया गया है उनको सम्मानित करना।
राज्य स्तर/राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय कार्य किये जाने वाले व्यक्तियों का सम्मान।SHG लखपति दीदी का सम्मान। प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए तैयार पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स PAI 1.0 & 2.0 स्कोर कार्ड का प्रर्दशन किया जाना। इस अवसर पर ग्राम को स्वच्छ बनाये रखने हेतु संकल्प पारित किया जाना तथा सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में साफ-सफाई किया जाना। सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण हेतु प्रस्ताव पर चर्चा एवं संररक्षण हेतु आवश्यक कार्यवाही करना। ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाये जाने हेतु संकल्प पारित करना। मोर गांव मोर पानी अभियान अंतर्गत जल संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा करना।
विदेशी मंदिरा दुकान के लिए भवन किराए पर लेने हेतु निविदा
बीजापुर । बीजापुर जिले के ग्राम संगमपल्ली तहसील भोपालपटनम में नवीन कम्पोजिट विदेशी मदिरा दुकान संचालन हेतु एक भवन उपयुक्त स्थल पर किराये पर लिए जाने हेतु निविदा आमंत्रित किया गया था। जिसे निरस्त कर इच्छुक निविदाकार से निविदा सील बन्द लिफाफे में 29 अप्रैल 2026 को दोपहर 2ः00 बजे तक कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी सह संयुक्त जिला कार्यालय भवन जिला बीजापुर में पुनः आमंत्रित की जाती है। इच्छुक निविदाकार, निविदा शर्तों के अधीन तकनीकी निविदा एवं वित्तीय निविदा के बंद लिफाफे, एक बड़े लिफाफे में रख कर बंद लिफाफा 29 अप्रैल 2026 को दोपहर 2ः00 बजे तक कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी सह जिला प्रबंधक सीएसएमसीएल जिला बीजापुर में जमा कर सकेंगे। निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्राप्त निविदा पर विचार नही किया जावेगा। तकनीकी निविदा 29 अप्रैल 2026 को सांय 4ः00 बजे निविदा मूल्यांकन हेतु गठित समिति के समक्ष खोला जावेगा। निविदा की नियम/शर्तों की जानकारी एवं निविदा प्रपत्र, जिला प्रबंधक सीएसएमसीएल जिला बीजापुर के पक्ष में देय राशि 1180/अक्षरी एक हजार एक सौ अस्सी रूपये जीएसटी सहित का बैंक ड्राफ्ट किसी भी राष्ट्रीकृत बैंक द्वारा जारी जमा कर कार्यालयीन कार्यदिवस में कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला प्रबंधक सीएसएमसीएल जिला बीजापुर से प्राप्त किया जा सकता है।
लू-तापघात Heat-Wave से आवश्यक तैयारी एवं बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी
बीजापुर । हीट वेव (लू) क्या करें और क्या न करें- क्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संभावित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ले। हल्के-हल्के रंग के, ढीले सूती कपडे़ पहनें। ओ ओरएस घोल, घर का बना पेय लस्सी, बोरे बासी, चावल का पानी, नींबू का पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचे। यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता) और चेहरे को ढकें। जहां तक संभव हो किसी भी सत्तह को छूने से बचें।
अन्य सावधानियां- जितना हो सके घर के अंदर रहें। अपने घर को ठंडा रखें धूप से बचाव के लिए रात में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोले। निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करें।
पंखो का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें।
यदि आप बीमार महसूस करते हैं, उच्च बुखार/लगातार सिरदर्द/चक्कर आना/मतली या भटकाव/लगातार खांसी/सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।
क्या न करें - गर्मी के दौरान बाहर न जाएं। यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है, तो दिन के शीतलन घंटों के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचे विशेष रूप से दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच।
नंगे पैर या बिना चेहरे को ढके और बिना सिर ढककर बाहर न जाएं।
व्यस्तम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें। खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिड़कियां खोल कर रखे, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सके। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं।
उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचें, बासी खाना न खाएं। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाएं, घर पर रहे!
नियोक्ता और श्रमिक-, क्या करें- कार्यस्थल पर स्वच्छ और ठंडा पेयजल प्रदान करें। श्रमिकों को सीधे धूप से बचने के लिए सावधानी बरतें। यदि उन्हें खुले में काम करना पड़ता है जैसे कि कृषि मजदूर, मनरेगा मजदूर, आदि तो सुनिश्चित करें कि ये हर समय अपना सिर और चेहरा ढके रहे। दिन के समय निर्धारित समय सारणी निश्चित करें। खुले में काम करने के लिए विश्राम गृह की अवधि और सीमा बढ़ाएं।
गर्भवती महिलाओं या कामगारों की चिकित्सकीय स्थिति पर विशेष ध्यान दें।
यदि कोई बीमार है तो उसे डयूटी पर्यवेक्षक Duty Supervisor को सूचित किया जाना चाहिए।
क्या न करें- कार्यस्थल पर, धूम्रपान या तंबाकू न ही थूके और न ही चबाएं।
जो लोग बीमार हैं उनके निकट संपर्क से बचें। बीमार होने पर काम पर न जाएँ घर पर ही रहें।
लू (तापघात) प्रबंधन एवं बचाव- लू के लक्षण, सिर में भारीपन और दर्द होना। तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना। चक्कर और उल्टी आना। कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना। शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना। अधिक प्यास और पेशाब कम आना। भूख कम लगना।
बेहोश होना।
लू से बचाव के उपाय- लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यतः नमक की कमी हो जाना होता है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखाना चाहिएः-बहुत्त अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जायें। धूप में निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें। पानी अधिक मात्रा में पीयें। अधिक समय तक धूप में न रहें। गर्मी के दौरान नरम मुलायम, सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे। अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल पीयें। चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से निःशुल्क परामर्श लिया जावे।
उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जावे।
लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार- बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगायें। अधिक पानी में पेय पदार्थ पिलाये जैरो कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवें। शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काय करते रहें।
पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जायें। मितानिन, एएनएम से ओआरएस के पैकेट हेतु संपर्क करें।
बाल विवाह रोकथाम को लेकर कलेक्टर के सख्त निर्देश
अक्षय तृतीया के अवसर बाल विवाह पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर
बीजापुर । जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर संबित मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है, जिस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह में शामिल वर-वधू के माता-पिता, रिश्तेदार, बाराती, विवाह संपन्न कराने वाले (पुरोहित, मौलवी, पादरी) सहित कार्ड छापने, बैंड.बाजा और टेंट से जुड़े लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। साथ ही कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं में भी वृद्धि होती है।
आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों, पंचायत सचिवों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों को भी तय कार्ययोजना के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
भोपालपटनम वार्ड 12 की मतदाता सूची प्रकाशित
बीजापुर । नगरीय निकाय आम उप निर्वाचन 2026 के अंतर्गत नगर पंचायत भोपालपटनम के वार्ड क्रमांक 12 की प्रारंभिक निर्वाचक नामावली (मतदाता सूची) का प्रकाशन 13 अप्रैल 2026 को किया गया है। यह मतदाता सूची रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, तहसील कार्यालय, सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय, नगर पंचायत भोपालपटनम तथा संबंधित वार्ड के निर्धारित स्थलों पर आम नागरिकों के निरीक्षण हेतु उपलब्ध है।
यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करना चाहता है, तो वह निर्धारित प्रारूप में 20 अप्रैल 2026 तक संबंधित कार्यालयों में आवेदन जमा कर सकता है।
जारी विज्ञप्ति के अनुसार शासन द्वारा निर्वाचन नियमों में किए गए संशोधन के तहत अब नगर पंचायत की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होना अनिवार्य है। ऐसे व्यक्ति जिनका नाम विधानसभा की निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं है, वे 24 अप्रैल 2026 से पूर्व अपना नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं। इसके पश्चात वे नगर पंचायत भोपालपटनम वार्ड क्रमांक 12 की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने हेतु प्रारूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण या सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त दावे एवं आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
नन्हे सपनों को मिला नया पक्की छत का सहारा
बीजापुर । ग्राम सावनार जो ग्राम पंचायत तोड़का जनपद पंचायत बीजापुर का एक छोटा सा आश्रित गांव है, यह गांव कभी नक्सली दहशत के साएं में विकास से अछूता था। बच्चों को अक्षर ज्ञान भी झोपड़ी में ही लेनी पड़ रही थी। लेकिन नियद नेल्लनार गांव में शामिल होने के बाद गांव की तस्वीर बदल गई है और इस बदलते परिवेश में साथ मिला महात्मा गांधी नरेगा योजना का। महात्मा गांधी नरेगा और डीएमएफ के अभिसरण से 9.35 लाख रुपये की स्वीकृति से एक नए आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हुआ। यह भवन सिर्फ ईंट और सीमेंट से नहीं बनाए बल्कि इसमें गांव के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के सपने भी जुड़े हुए हैं। अब हर सुबह सावनार के लगभग 40 से 45 बच्चे इस नए आंगनबाड़ी केंद्र में मुस्कान के साथ पहुंचते हैं। रंग-बिरंगे कमरे, साफ-सुथरा वातावरण और सुरक्षित जगह उन्हें एक नया अनुभव देते हैं। यहां उन्हें न सिर्फ पढ़ना-लिखना सिखाया जाता है, बल्कि पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाएं भी मिलती हैं। पहले जो बच्चे असुविधा के कारण नियमित नहीं आ पाते थे, अब वे उत्साह के साथ हर दिन आते हैं। उनकी आंखों में चमक है, मन में उत्साह है और सपनों को उड़ान देने का हौसला भी। यह आंगनबाड़ी भवन अब सिर्फ एक इमारत नहीं रहा, बल्कि गांव के नन्हे बच्चों के सपनों का नया घर बन गया है, जहां से उनका भविष्य मजबूत, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है।
नियद नेल्लानार, मनरेगा और प्रधान मंत्री आवास से बदल रही 224 गांवों की तस्वीर
दशकों से विकास से कटे इलाकों में पहुंचा रोजगार, राशन और शिक्षा, सुरक्षित आवासय 5 लाख मानव दिवस हुए सृजित
बीजापुर । लंबे समय तक नक्सल प्रभाव के कारण विकास से अछूते रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अब बदलाव की बयार देखने को मिल रही है। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के संयुक्त प्रयासों से उन गांवों तक विकास पहुंचा हैए जहां दशकों तक नक्सल प्रभाव के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही थी।
बीजापुर जिले में नियद नेल्लानार योजना के तहत 42 सुरक्षा कैम्पों के माध्यम से 67 ग्राम पंचायतों के 224 गांवों को शामिल किया गया है। इस पहल में मनरेगा की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आधारभूत ढांचे के निर्माण को गति मिली है।
16 हजार से अधिक परिवारों को रोजगार का सहारा- इन ग्रामों में अब तक 16671 जॉबकार्ड पंजीकृत हैं, जिनमें से 7271 नए जॉब कार्ड बनाए गए हैं। जिससे हजारों परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हो रहा है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसमें 966 आत्मसमर्पित नक्सली, 178 घायल पीड़ित परिवार और 477 मृतक नक्सल पीड़ित परिवारों के जॉब कार्ड बनाकर मनरेगा योजना से जोड़ा गया है।
पहली बार दिखा विकास का असर- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत नियद नेल्लानार क्षेत्रों में 1744 विकास कार्य कराए गए हैं, जिसमें 5 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं। इन कार्यों के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है, अपितु पलायन में भी कमी आई है और ग्रामीणों का शासन पर भरोसा मजबूत हुआ है।
आजीविका डबरी बन रही आय का जरिया- नियद नेल्लानर क्षेत्र में 372 आजीविका डबरी की स्वीकृति देकर ग्रामीणों को आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ने की पहल की जा रही है।
जनपद पंचायत भैरमगढ़ के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायत बेलनार जहां कभी नक्सली दहशत के कारण ग्रामीण गांव छोड़कर विस्थापित होने पर मजबूर थे। नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीण पुनः अपने गांव लौट आये है। उनके आजीविका संवर्धन के लिए महात्मा गाँधी नरेगा योजनांतर्गत वर्ष 2025-26 में हितग्राही सहदेव कोरसा, लखु, सुदरू कोरसा की आजीविका डबरी पूर्ण हो चुके हैं। इन डबरी में मत्स्य पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग से अभिसरण के माध्यम से मछली पालन एवं सब्जी उत्पादन का कार्य प्रस्तावित है।
2977 परिवारों को मिला पक्का आवास- नियद नेल्लनार क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस योजना के तहत कुल 2977 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से अब तक 690 हितग्राहियों का उनके पक्के आवास बनकर तैयार हैं। पूर्ण हो चुके आवासों में अब परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
गांव-गांव में बदलाव की कहानी, दुगाली का कुआं बना जीवनरेखाः 100 से अधिक ग्रामीणों को मिला पेयजल- जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार अंतर्गत ग्राम दुगाली में मनरेगा से निर्मित कुआं 100 से अधिक ग्रामीणों की प्यास बुझा रहा है। दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण इस गांव में बोरिंग संभव नहीं थी। वहां यह कुआं स्थायी समाधान बनकर उभरा है। इससे ग्रामीणों को सुलभ पेयजल के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिला है।
पालनार- जहां पहले प्रशासन नहीं पहुंचता था, आज पंचायत भवन, आंगनबाड़ी और गौठान निर्माण कार्य जारी है, वर्तमान में 200 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं।
कावड़गांव- 50 वर्षों के भय और अलगाव के बाद 100 प्रतिशत ग्रामीण श्रमिकों को जॉब कार्ड वितरण कर लिया गया है। साथ ही इस गांव में सड़क, बिजली, पेयजल, स्कूल और मोबाइल टॉवर जैसी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं।
सावनार, तोड़का पंचायत- 9.35 लाख की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन से 40-45 बच्चों को नियमित शिक्षा और पोषण मिल रहा है।
पुसुकोण्टा, उसूर- 11.69 लाख की लागत से बने आंगनबाड़ी भवन ने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण दिया है।
धरमारम और तोड़का- क्षेत्र में उचित मूल्य दुकानों के निर्माण से अब ग्रामीणों को गांव में ही राशन मिल रहा है।
बांगोली- जहां पहले 18 किमी दूर जाकर राशन लाना पड़ता था, अब 524 परिवारों को गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध है। युवाओं का कौशल विकास- पुनर्वासित आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे निर्माण कार्यों में रोजगार पा रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना और मनरेगा के अभिसरण ने बीजापुर के अंदरूनी गांव में अब विकास ने रफ्तार पकड़ रही है। रोजगार, बुनियादी ढांचे और शासन के प्रति बढ़ते विश्वास से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी व्यापक बदलाव आ रहा है।
बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषणा पूर्व 7 दिवस में मांगी गई आपत्तियां
बीजापुर । राज्य सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत जिला बीजापुर की 24 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है। यह अभियान माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य वर्ष 2028-29 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाना है।
शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले की 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी दिशा में चयनित 24 ग्राम पंचायतों ने पिछले दो वर्षों में बाल विवाह की कोई घटना न होने की पुष्टि की है। ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव द्वारा जारी प्रमाण पत्र के आधार पर इन पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाना है।
आपत्तियों के लिए 7 दिन का समय- प्रशासन ने इस घोषणा पर आम नागरिकों, संस्थाओं एवं निकायों से आपत्तियां आमंत्रित की हैं। यदि किसी को इन पंचायतों में बाल विवाह से संबंधित कोई जानकारी या आपत्ति हो, तो वह विज्ञप्ति जारी होने के 7 दिनों के भीतर लिखित रूप में अपने दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। दावा-आपत्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, कलेक्टर कार्यालय प्रथम तल, कक्ष क्रमांक डी-1, बीजापुर में कार्यालयीन समय सुबह 10ः00 बजे से शाम 05ः30 बजे तक में जमा की जा सकती है।
घोषित ग्राम पंचायतेंः बोरजे, संतश्पुर, संकनपल्ली, मुरकीनार, लिंगागिरी, उसूर, गलगम, पुसबाका, हीरापुर, तर्रेम, चेरपल्ली, भद्रकाली, कोत्तूर, सकनापल्ली, पेठा, फरेसगढ़, सोमनपल्ली, जैवारम, माटवाड़ा, कोंड्रोजी, टिंडोडी, पातरपारा, पिटेपाल और गदामली।
प्रधानमंत्री के नाम को मिट्टी में मिलाने में जुटा पीएमजीएसवाय विभाग...
पूर्व मंत्री ने कहा : दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
बीजापुर । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्माणाधीन सड़कों और पुलियाओं में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा लगातार मिल रही गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतों के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य 500 से अधिक आबादी वाले गांवों को पक्की सड़कों के माध्यम से शहरों से जोड़ना था,ताकि ग्रामीण विकास को गति मिल सके और किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकें।
लेकिन बीजापुर जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना की हालत चिंताजनक नजर आ रही है।आरोप है कि पीएमजीएसवाय विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कों और पुलियाओं का निर्माण बेहद घटिया गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है।कई जगहों पर निर्माण इतना कमजोर है कि पुलिया हाथ से उखड़ने की स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और जिला कलेक्टर से की है।
मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि मीडिया में लगातार प्रकाशित खबरों और ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संबंधित विभाग के मंत्री से चर्चा की है।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निर्माणाधीन सड़कों को गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूर्ण कराया जाएगा।साथ ही, जहां भी लापरवाही या अनियमितता पाई जाएगी, वहां दोषी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता को टिकाऊ व बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
मीडिया में खबरे आने के बाद विभाग आया हरकत में।पीएमजीएसवाय विभाग ने आनन-फानन ने गुणवत्ताहीन तरीके से बने कई पुलिया को तोड़ दिया।
विभाग द्वारा किए गए कार्यवाही की जानकारी लेने पीएमजीएसवाय के एसडीओ जांगडे को फ़ोन पर जानकारी लेनी चाही तो साहब का फ़ोन बंद मिला।विभाग के इंजीनियर राजेन्द्र सिंह का कहना है मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग द्वारा अब तक 03 पुलिया को तोड़ा गया साथ ही गुणवत्ताहीन कार्यो को लेकर ठेकेदार को नोटिस देने की तैयारी में है विभाग।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन इस गंभीर मामले में ठोस कार्रवाई कर पाता है या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।