छत्तीसगढ़ / बीजापुर
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार हेतु आवेदन आमंत्रण
कोंडापल्ली में संचार क्रांति का नया सवेरा: मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही नाच उठे ग्रामीण
दशकों की प्रतीक्षा समाप्त: कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क, गांव में उत्सव का माहौल
नियद नेल्ला नार योजना ने बदली तस्वीर: कोंडापल्ली में जीवन हुआ आसान
रायपुर, 06 दिसम्बर 2025

दूरसंचार, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएँ जहाँ देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जीवन का आधार बन चुकी हैं, वहीं बस्तर संभाग के कुछ सुदूर वनांचलों ने दशकों तक इन सुविधाओं को कभी देखा ही नहीं था। ऐसे ही एक इलाके, बीजापुर जिले के ग्राम कोंडापल्ली, में अभूतपूर्व उत्सव का माहौल देखने को मिला जब गाँव में पहली बार मोबाइल नेटवर्क आया।
कोंडापल्ली तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित एक घना वनांचल है, जहाँ वर्षों से सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में गाँव में मोबाइल टॉवर स्थापित होना स्थानीय समुदाय के लिए केवल तकनीकी प्रगति नहीं, बल्कि दुनिया से जुड़ने का प्रतीक बन गया।
जैसे ही टॉवर के सक्रिय होने की घोषणा हुई, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे — सभी रैली के रूप में टॉवर स्थल तक पहुँचे। पारंपरिक विधि से टॉवर की पूजा-अर्चना की गई। माँदर की थाप पर लोग भावुक होकर नाच उठे। यह दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था।
इस उत्सव में केवल कोंडापल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के गाँवों के लोग भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने कहा कि यह उनके लिए केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि “बाहरी दुनिया से पहला वास्तविक जुड़ाव” है। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों की खुशी में शामिल होकर मिठाइयाँ वितरित कीं।
अब मोबाइल नेटवर्क ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार, राशन, स्वास्थ्य योजनाओं, पेंशन और शैक्षणिक सुविधाओं का प्रवेश-द्वार बनेगा। जिनके लिए यह सेवाएँ अब तक दूर का सपना थीं, उनके लिए यह दिन जीवन में एक नया अध्याय लेकर आया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाकर लोगों में विश्वास बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। योजना के तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बैंकिंग, संचार सहित प्रशासनिक सेवाओं को तेज़ी से पहुँचाने का काम किया जा रहा है।
योजना का दायरा व्यापक है — 69 नवीन कैम्पों के आसपास स्थित 403 ग्रामों में 09 विभागों की 18 सामुदायिक सेवाएँ और 11 विभागों की 25 व्यक्तिमूलक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण किसी भी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहें।
इस पूरी प्रक्रिया में संचार अधोसंरचना सबसे प्रभावी साबित हो रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए टॉवर स्थापित किए गए हैं — जिनमें 116 एलडब्ल्यूई कार्यक्रम से, 115 आकांक्षी जिलों में, और 467 टावर 4G नेटवर्क के रूप में लगाए गए हैं। इसके साथ ही 449 टॉवरों का 2G से 4G में उन्नयन किया गया है।
कोंडापल्ली में नियद नल्ला नार योजना से तेज़ी से बदलाव आए हैं। दिसम्बर 2024 में कैम्प स्थापित होने के बाद पहली बार प्रशासन गाँव तक नियमित रूप से पहुँचने लगा। यहाँ लंबे समय से बंद पड़ी सड़क का पुनर्निर्माण बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने अपने जिम्मे लिया है और 50 किलोमीटर सड़क का कार्य प्रगति पर है।
गाँव में दो महीने पहले ही पहली बार विद्युत लाइन पहुँची है। बिजली आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा लगातार सेचुरेशन शिविर आयोजित कर सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुँचाया जा रहा है।
कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क के आगमन से यह स्पष्ट हो गया है कि विकास की किरण अब उन इलाकों तक भी पहुँच रहा है, जो वर्षों से प्रतीक्षा में थे। संचार सुविधा के इस नए सवेरे ने ग्रामीणों को भरोसा दिया है कि अब उनका गाँव भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर आगे बढ़ेगा।
बीजापुर जिले के कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का पहुँचना सिर्फ एक टॉवर का खड़ा होना नहीं है, यह उन लोगों के सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर का हर गांव–हर परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े, डिजिटल सुविधाओं तक पहुँचे और अवसरों के नए द्वार उनके लिए खुलें। यह सिर्फ संचार की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्वास, बदलाव और नई संभावनाओं के युग का आरंभ है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
ग्राम संकनपल्ली की भूमि संबंधी शिकायत पर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी
अनुविभागीय अधिकारी उसूर द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में ग्राम संकनपल्ली पटवारी हल्का संख्या 03 की भूमि स्वामित्व से संबंधित शिकायत में मूल भूमि स्वामी का नाम पाया गया
बीजापुर, 06 दिसंबर 2025
बीजापुर जिले के अनुभाग उसूर के तहत ग्राम संकनपल्ली में आदिवासियों की पैतृक जमीन गैर आदिवासी के नाम दर्ज होने की शिकायत प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी उसूर जांच के आदेश दिया गया। उपलब्ध अभिलेखों और राजस्व दस्तावेज़ों की विस्तृत जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिन किसानों की भूमि के परिवर्तन या नामांतरण की शिकायत दर्ज की गई थी, वास्तव में सभी भूमि मूल भूमिस्वामियों के ही नाम पर ही दर्ज हैं एवं किसी भी प्रकार का अवैध हस्तांतरण या विक्रय नहीं किया गया है।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि विभिन्न खसरा नंबरों में दर्ज समस्त भूमि पूर्व से ही संबंधित कृषकों के नाम पर है तथा कोई भी भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज नहीं पाई गई। राजस्व अभिलेखों के मिलान के बाद यह निष्कर्ष निकला। रिपोर्ट में उल्लेख है कि भूमि स्वामित्व को लेकर अभिलेखों में कहीं भी कोई विसंगति नहीं पाई गई है।
अतः अनुविभागीय अधिकारी उसूर ने बताया कि वर्तमान अभिलेख यथावत सही पाए गए हैं और संदिग्ध दस्तावेजों का जांच चल रही है।
कृषि विज्ञान केन्द्र बीजापुर में विश्व मृदा दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन
बीजापुर, 06 दिसम्बर 2025
कृषि विज्ञान केन्द्र, बीजापुर में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व मृदा दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिले के किसानों, नीति आयोग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री अरुण कुमार सकनी ने किया। उन्होंने केन्द्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, मिट्टी के स्वास्थ्य मापदंडों तथा मिट्टी को जीवित और उपजाऊ बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट एवं गोबर खाद के महत्व को रेखांकित किया जिससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और फसल उत्पादन स्थिर रहता है।
कार्यक्रम में श्री संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है, मिट्टी को बचाना हर व्यक्ति का प्रमुख कर्तव्य है। आगे अपने उद्बोधन में श्री उग्रेश कुमार देवांगन, सहायक संचालक कृषि ने विभागीय योजनाओं तथा प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।
श्री अरविंद आयम, कार्यक्रम सहायक ने बताया कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही है। उन्होंने किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग पर जोर देने की सलाह दी।
डॉ. दिनेश कुमार मरापी,ए प्रक्षेत्र प्रबंधक ने मृदा एवं जल संरक्षण की विभिन्न तकनीकों के बारे में उपयोगी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में कुल 43 किसान सम्मिलित हुए। विश्व मृदा दिवस का यह आयोजन किसानों को वैज्ञानिक, टिकाऊ और मिट्टी,संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
बीजापुर में 'आपकी पूंजी आपका अधिकार' मेगा शिविर सफल, निष्क्रिय खातों के हकदारों को लौटाए गए 1.65 करोड़ रुपये
बीजापुर, 06 दिसम्बर 2025
जिले में वर्षों से निष्क्रिय पड़े बैंक खातों के वास्तविक हकदारों को उनकी जमा पूंजी लौटाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे "आपकी पूंजी आपका अधिकार" अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अभियान के तहत अब तक 1.65 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पात्र नागरिकों को वापस की जा चुकी है।
यह विशेष अभियान अक्टूबर से प्रारंभ होकर 31 दिसंबर 2025 तक जिले के सभी विकासखण्डों में आयोजित मेगा शिविरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। जिला कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि यह पहल डीईएएफ (Depositor Education and Awareness Fund) योजना के अंतर्गत संचालित है, जिसका उद्देश्य पिछले दस वर्षों से निष्क्रिय पड़े खातों का पारदर्शी, त्वरित और सरल निपटान करना है।
कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन की सक्रिय भूमिका के चलते अब तक 7.27 करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले निष्क्रिय खातों की पहचान की जा चुकी है। बैंकवार समीक्षा में भारतीय स्टेट बैंक में सर्वाधिक निष्क्रिय खाते पाए गए। शिविरों में 35 से अधिक नागरिकों के दस्तावेजों का सत्यापन कर मौके पर ही उनके दावे निराकृत किए गए।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री मिश्रा ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे आमजन के आर्थिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ, जिला कोषालय अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत बीजापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अग्रणी बैंक अधिकारी अमृत कुमार एक्का, विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक तथा एसबीआई लाइफ और एलआईसी के अधिकारी उपस्थित रहे।
अभियान को आम नागरिकों की निष्क्रिय जमा राशि को सुरक्षित रूप से वापस दिलाने की दिशा में जिले की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कृषि विज्ञान केन्द्र बीजापुर में विश्व मृदा दिवस का उत्साहपूर्वक आयोजन
बीजापुर, 06 दिसम्बर 2025
कृषि विज्ञान केन्द्र, बीजापुर में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी विश्व मृदा दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में जिले के किसानों, नीति आयोग के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख श्री अरुण कुमार सकनी ने किया। उन्होंने केन्द्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, मिट्टी के स्वास्थ्य मापदंडों तथा मिट्टी को जीवित और उपजाऊ बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और जैविक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट एवं गोबर खाद के महत्व को रेखांकित किया जिससे मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है और फसल उत्पादन स्थिर रहता है।
कार्यक्रम में श्री संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है, मिट्टी को बचाना हर व्यक्ति का प्रमुख कर्तव्य है। आगे अपने उद्बोधन में श्री उग्रेश कुमार देवांगन, सहायक संचालक कृषि ने विभागीय योजनाओं तथा प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।
श्री अरविंद आयम, कार्यक्रम सहायक ने बताया कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही है। उन्होंने किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग पर जोर देने की सलाह दी।
डॉ. दिनेश कुमार मरापी,ए प्रक्षेत्र प्रबंधक ने मृदा एवं जल संरक्षण की विभिन्न तकनीकों के बारे में उपयोगी जानकारी साझा की। कार्यक्रम में कुल 43 किसान सम्मिलित हुए। विश्व मृदा दिवस का यह आयोजन किसानों को वैज्ञानिक, टिकाऊ और मिट्टी,संरक्षण आधारित कृषि पद्धतियों की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।
दिव्यांग बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह
बीजापुर । अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग जन दिवस के अवसर पर 3 दिसंबर 2025 को समग्र शिक्षा, समावेशी शिक्षा बीजापुर द्वारा जिला मुख्यालय में विविध कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर श्री संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्री लखनलाल धनेलिया, जिला मिशन समन्वयक कमलदास झाड़ी तथा सहायक परियोजना समन्वयक तारकेश्वर पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिले के चारों विकासखण्डों से विभिन्न प्रकार के दिव्यांग बच्चे, उनके शिक्षक और पालक, अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। बच्चों ने कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, ट्राय सायकल दौड़, मटका फोड़, रंगोली, चित्रकला, मेहंदी, निबंध लेखन और एकल गीत जैसी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद बीजापुर अध्यक्ष श्रीमती गीता सोम पुजारी, विशिष्ट अतिथि उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान एवं पार्षद सत्यवती परतागिरी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार प्रदान कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
समावेशी शिक्षा के चारों विकासखण्डों बीजापुर, भोपालपट्टनम, आवापल्ली, भैरमगढ़ के बीआरपी क्रमशः चितु राम बघेल, अनिरु गिलहरे, वेदराम निषाद, सुनील तायवाडे का कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष सहयोग रहा। सभी प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन कन्या आदर्श गुरुकुल आवासीय विद्यालय, बीजापुर में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर मुठभेड़: सात नक्सली ढेर, दो जवान शहीद
बीजापुर । बीजापुर-दंतेवाड़ा अंतरजिला सीमा पर बुधवार सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भारी मुठभेड़ हुई। पश्चिम बस्तर डिवीजन के जंगलों में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान यह भिड़ंत सुबह 9 बजे के आसपास शुरू हुई और पूरे दिन रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव के मुताबिक DRG दंतेवाड़ा-बीजापुर, STF, CoBRA और CRPF की संयुक्त टीम अभियान चला रही है। सुरक्षा बलों की आक्रामक कार्रवाई के बीच अब तक सात नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
हथियार और गोला-बारूद बरामद
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से SLR राइफलें, .303 राइफलें और अन्य हथियार व गोला-बारूद जब्त किए गए हैं। मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
दो जवान शहीद, एक घायल
मुठभेड़ में DRG बीजापुर के दो जवान प्रधान आरक्षक मोनू वडाड़ी और आरक्षक दुकारू गोंडे शहीद हो गए। एक अन्य जवान सोमदेव यादव घायल हुए हैं। उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
ऑपरेशन अभी जारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. यादव ने बताया कि क्षेत्र में कॉर्डन कर सघन सर्चिंग जारी है और अतिरिक्त बल भेजा गया है। फोर्स की संख्या पर्याप्त है और अभियान के विस्तार के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि सर्च ऑपरेशन जारी होने के कारण अभी विस्तृत जानकारी साझा करना संभव नहीं है। ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही पूरी रिपोर्ट जारी की जाएगी।
कोमपल्ली स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए 1.61 करोड़ रूपए स्वीकृत
बीजापुर, 17 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बीजापुर जिले के विकासखण्ड- भैरमगढ़ के कोमपल्ली स्टापडेम के निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ 61 लाख 79 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने पर जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से करीब 54 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के निर्माण कार्य हेतु मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता – छह माओवादी न्यूट्रलाइज
नक्सल उन्मूलन मिशन निर्णायक चरण में - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बीजापुर, 13 नवंबर 2025
बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुठभेड़ के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई को लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में पुनर्वासित युवाओं से की आत्मीय भेंट
बुनियादी सुविधाओं की ली जानकारी, शासन की योजनाओं से जोड़ने दिए आवश्यक निर्देश
बीजापुर, 09 नवंबर 2025






छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बीजापुर जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान आज पुनर्वास केंद्र पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय भेंट की। उन्होंने उनके दैनिक जीवन, भोजन-पानी, कपड़ों, स्वास्थ्य, मनोरंजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।
वर्तमान में पुनर्वास केंद्र में कुल 92 पुनर्वासित युवा रह रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने सभी से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, नाश्ता, भोजन, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य इन युवाओं को मुख्यधारा में जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है।
घर-परिवार और जीवकोपार्जन से जुड़ी चर्चा
श्री शर्मा ने पुनर्वासित युवाओं से उनके वैवाहिक जीवन, घर-परिवार, कृषि भूमि, वनाधिकार पत्र, सिंचाई सुविधा और अन्य आजीविका साधनों के बारे में भी जानकारी ली। सभी युवाओं ने बताया कि उनके पास कृषि भूमि है तथा भूमि का पट्टा भी उपलब्ध है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र व्यक्तियों को शासन की सिंचाई योजनाओं, बोर उत्खनन, क्रेडा के माध्यम से सोलर पंप तथा प्राथमिकता के आधार पर गांवों में ग्रिड बिजली आपूर्ति की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं।
परिवार से नियमित मुलाकात की व्यवस्था
श्री शर्मा ने कहा कि प्रत्येक रविवार पुनर्वासित युवाओं से उनके परिजन मिलने आ सकें, इसके लिए नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आज रविवार होने के कारण कई परिजनों ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर अपने परिवारजनों से भेंट की। उपमुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई पुनर्वासित युवाओं के परिजनों से भी मुलाकात की और सभी ने अपने परिवार के सदस्यों के हिंसा छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने पर हर्ष व्यक्त किया।
साक्षरता, कौशल विकास और दस्तावेज सुविधा पर बल
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पुनर्वास करने वाले युवाओं को शासन की योजनाओं से जोड़ना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक व्यक्ति को आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, वनाधिकार पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सभी के लिए साक्षर भारत मिशन उल्लास कार्यक्रम के तहत अक्षर ज्ञान और नियमित साक्षरता परीक्षा में सम्मिलित कराने को कहा। उन्होंने सभी युवाओं उनकी रुचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने को कहा। वहीं महिलाओं ने बताया कि वे कपड़ों की सिलाई में रुचि रखते हैं, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने सभी के लिए सिलाई का प्रशिक्षण प्रारम्भ निर्देश दिए।
इस अवसर पर सभी प्रशिक्षु युवाओं ने एक्सपोजर विजिट की मांग रखी, जिस पर श्री शर्मा ने सहमति देते हुए कहा कि उन्हें रायपुर ले जाकर शासन की विभिन्न विकास गतिविधियों एवं पुनर्वास योजनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा।
इस अवसर पर बस्तर संभाग आयुक्त श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन वाय., तथा उपनिदेशक इन्द्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बलगा सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बीजापुर में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़, तीन नक्सली ढेर
बीजापुर । जिले के तारलागुड़ा थाना क्षेत्र के अन्नारम और मर्रीमल्ला के घने जंगलों में बुधवार सुबह पुलिस और माओवादियों के बीच जोरदार मुठभेड़ हुई। इस दौरान तीन माओवादी मारे गए हैं। मौके से पुलिस ने हथियार और गोला-बारूद सहित अन्य सामग्री भी बरामद की है। बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ माओवादियों की मद्देड़ एरिया कमेटी से हुई।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने माओवादियों को चारों ओर से घेर लिया था, जिसके बाद दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग हुई।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान अभी जारी है और इलाके में कई पुलिस टीमें सर्च ऑपरेशन में लगी हैं। उन्होंने कहा कि मारे गए माओवादियों की आधिकारिक पुष्टि अभियान समाप्त होने के बाद की जाएगी।
सुरक्षा बलों की टीमें फिलहाल जंगल के अंदर सघन सर्चिंग कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि माओवादियों के हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
बीजापुर में मुठभेड़: 3 नक्सलियों के शव बरामद...
बीजापुर । बीजापुर के अनाराम और मर्रीमल्ल के जंगल में नक्सलियों और जवानों के मुठभेड़ की खबर सामने आई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, अब तक तीनों नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। यह मुठभेड़ अन्नाराम और मरीमल्ला के जंगलों में हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ नक्सलियों की मद्देड एरिया कमेटी से हुई है। जवानों की टीम जंगल में मौजूद है। जंगल से जवानों ने बड़ी तादाद में हथियार बरामद किए हैं। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। बताया जा रहा है कि जवानों ने जंगल में नक्सलियों को घेर लिया है और दोनों ओर से फायरिंग लगातार हो रही है।
एसपी ने की पुष्टि
वहीं इस पूरे मामले को लेकर एसपी ने कहा कि, ऑपरेशन चल रहा है और देर शाम तक विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
बीजापुर में विकास की दस्तकः धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र के सात गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप
989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ
रायपुर, 05 नवंबर 2025

कभी माओवाद की छाया में सिमटे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के इन्द्रावती नदी पार बसे गांवों में अब विकास की नई सुबह दिखने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब इन दुर्गम इलाकों में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जिसने ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी।
इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम ने उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। कुल 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कैंप में सामान्य जांच के 777, रक्तचाप 371, मुख कैंसर 344, ब्रेस्ट कैंसर 112, नेत्र जांच 199, दंत जांच 154, टीकाकरण 14, संपूर्ण टीकाकरण 8, मलेरिया 156, क्षय रोग 7 तथा उल्टी-दस्त के 24 प्रकरणों की जांच की गई। इनमें 54 वरिष्ठ नागरिक भी शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने एक बालक को हृदय रोग से ग्रस्त पाया, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। कैंप के दौरान बीमार ग्रामीणों का मौके पर ही उपचार कर मुफ्त दवाइयों का वितरण किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू और डॉ. बी.एस. साहू ने बताया कि अब दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों में भी अब भय की जगह विश्वास और आशा का माहौल दिखाई दे रहा है। वे शासन-प्रशासन से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं।
बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा “शासन के निर्देशानुसार प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरुनी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”जिससे बीजापुर में अब सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे है।
बीजापुर में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि अब माओवाद नहीं, मुख्यधारा और विकास ही बीजापुर की नई पहचान बनेगा।
दलाल के चंगुल से छूटे 18 मजदूर
बीजापुर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सकुशल घर लौटे ग्रामीण
बीजापुर, 30 अक्टूबर 2025
बीजापुर जिले के 18 ग्रामीणों को अधिक मजदूरी और अच्छे काम का झांसा देकर एक दलाल सीनू श्रीनिवास तेलंगाना राज्य ले गया था। इनमें ग्राम कड़ेनार के 11 और ग्राम घुमरा के 7 मजदूर शामिल थे। यह घटना अगस्त माह की है। दलाल के चंगुल से इन 18 मजदूरों को छुड़ाया गया है l
मजदूरों को मेहनताना नहीं दिया और दलाल मौके से फरार
मिली जानकारी के अनुसार, श्रमिक मनोज ताती ने बताया कि पहले इन मजदूरों से तेलंगाना के करीमनगर में काम कराया गया, फिर दलाल ने उन्हें महाराष्ट्र के नांदेड़ भेज दिया। इसके बाद वही दलाल सभी मजदूरों को कर्नाटक राज्य के बागलकोट जिले के बिगड़ी गांव (जानमट्टी) में एक साहूकार के पास काम पर लगा गया। बताया गया कि दलाल ने मजदूरों को 5 लाख रुपये में साहूकार को सौंप दिया था। मजदूरों को मेहनताना नहीं दिया गया और दलाल मौके से फरार हो गया। मजदूर वापस छत्तीसगढ़ लौटना चाहते थे, लेकिन साहूकार उन्हें छोड़ नहीं रहा था।
संयुक्त टीम ने किया रेस्क्यू टीम
घटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संयुक्त रेस्क्यू टीम बनाई। इस टीम में श्रम निरीक्षक श्री लोकेन्द्र वैष्णव, राजस्व निरीक्षक श्री यशवंत राव और सहायक उप पुलिस निरीक्षक श्री बलदेव कुड़ियाम शामिल थे। टीम को तत्काल कर्नाटक के बागलकोट रवाना किया गया।
सभी 18 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया गया
स्थानीय प्रशासन की सहायता से टीम ने सभी 18 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ाया और 1 लाख 36 हज़ार 100 रुपये की बकाया मजदूरी राशि भी दिलवाई। रेस्क्यू टीम ने 28 अक्टूबर 2025 को सभी मजदूरों को बीजापुर वापस लाया। अगले दिन 29 अक्टूबर को उन्हें उनके गृहग्राम कड़ेनार और घुमरा में सुरक्षित पहुंचा दिया गया। बीजापुर प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई मजदूरों के लिए राहत और भरोसे की बड़ी मिसाल बनी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना : ग्राम संतोषपुर के लखमू ने केंद्र शासन के प्रति जताया आभार
बीजापुर । अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो, रोशनी की एक किरण उसे मिटा देती है। यही बात आज बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को देखकर महसूस की जा सकती है। यह योजना जिले के दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई आशा और उजाला लेकर आई है।
जनपद पंचायत बीजापुर के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायत संतोषपुर में कभी नक्सली प्रभाव के कारण शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन संभव नहीं हो पा रहा था। लेकिन नियद नेल्लानार योजना में शामिल होने के बाद इस ग्राम में वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृत किए गए प्रधानमंत्री आवास जिनमें से अब तक 18 आवास पूर्ण हो चुके हैं। गांव में तेजी से निर्माण कार्य जारी है और ग्रामीणों के चेहरों पर विश्वास एवं सुरक्षा की नई चमक दिखाई दे रही है।
इसी ग्राम के निवासी श्री लखमू पनिका का जीवन इस योजना से बदला है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवास की स्वीकृति मिली। लखमू बताते हैं मेरी पत्नी का निधन हो चुका है। मेरा एक बेटा है, जिसकी शादी भी हो गई है और अब मेरा एक पोता भी है। दो एकड़ जमीन में खेती कर मैं किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। गरीबी के कारण पक्का घर बनाना संभव नहीं था और माओवाद के भय से भविष्य भी अनिश्चित लगता था। लेकिन जब मुझे प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति मिली, तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आज मेरा पक्की छत वाला घर बन चुका है। यह सब शासन-प्रशासन की मदद से संभव हुआ है। हमारे गांव के लिए यह योजना सचमुच रोशनी की किरण बनकर आई है।
लखमू सहित ग्राम के अन्य लाभार्थी अब सुरक्षित आवास में रह रहे हैं और अपनी आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने न केवल उन्हें आश्रय प्रदान किया है, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा की नई भावना भी जगाई है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम का होगा गरिमामय आयोजन : कलेक्टर मिश्रा
बीजापुर । कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान नियद नेल्लानार योजना के तहत नव स्थापित सुरक्षा कैम्पों के अंतर्गत आने वाले गांवों का सर्वेक्षण, सैचुरेशन शिविरों की प्रगति, तथा अधोसंरचना निर्माण से जुड़ी जानकारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्वास्थ्य, शिक्षा, जल जीवन मिशन, महिला एवं बाल विकास, विद्युत विभाग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित सभी प्रमुख विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के सदस्यों के सभी आवश्यक दस्तावेज जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र तथा आयुष्मान कार्ड शत-प्रतिशत तैयार कर सुनिश्चित किए जाएं।
कलेक्टर मिश्रा ने आगामी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय राज्योत्सव कार्यक्रम का गरिमामय एवं सांस्कृतिक वैभव से परिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, आगामी बस्तर ओलंपिक के सभी स्तरों पर सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री जागेश्वर कौशल, डिप्टी कलेक्टरगण, तथा जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।