छत्तीसगढ़ / रायपुर

नैनो उर्वरकों से बदली खेती की तस्वीर

 रायपुर, 10 जून 2026

आधुनिक कृषि तकनीकों ने अब ग्रामीण खेती की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। इसका उदाहरण कोंडागांव जिले के बड़ेराजपुर विकासखंड के ग्राम पिटेचुवा के किसान दुखा राम मरकाम हैं, जिन्होंने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग से अपनी खेती को अधिक उत्पादक और लाभकारी बना लिया है।
    करीब 15 एकड़ भूमि पर वर्षों से खेती कर रहे दुखा राम पिछले दो वर्षों से नैनो उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन उर्वरकों के उपयोग से पोषक तत्व सीधे पौधों तक पहुंचते हैं, जिससे फसल की वृद्धि अधिक बेहतर होती है और उत्पादन में स्पष्ट बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
    वे बताते हैं कि धान की रोपाई के लगभग 30 दिन बाद पहला छिड़काव किया जाता है और आवश्यकता अनुसार 50 से 60 दिन के बीच दूसरा छिड़काव किया जाता है। इस प्रक्रिया से पौधे अधिक स्वस्थ, मजबूत और अधिक बालियां देने वाले बनते हैं।
    दुखा राम के अनुसार पहले वे प्रति एकड़ लगभग 50 किलोग्राम दानेदार डीएपी का उपयोग करते थे, जिस पर लगभग 1850 रुपये का खर्च आता था और उत्पादन 10 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ तक सीमित रहता था। लेकिन नैनो डीएपी अपनाने के बाद न केवल पारंपरिक उर्वरक की खपत में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है, बल्कि लागत भी घटकर करीब 1200 रुपये प्रति एकड़ रह गई है।
    वहीं उत्पादन बढ़कर 15 से 20 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया है, जिससे उन्हें लगभग 30 प्रतिशत तक अधिक उपज और बेहतर आर्थिक लाभ मिल रहा है। नैनो उर्वरकों के बेहतर परिणामों से प्रेरित होकर अब क्षेत्र के अन्य किसान भी इनके उपयोग की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 

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