छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

आजादी के 78 साल में भी बैगा बिजली पानी सड़क को तरस रहे

 आजादी के 78 साल में भी बैगा बिजली पानी सड़क को तरस रहे

सरकार और प्रशासन की नजर नही जा रही
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना भ्रष्टाचार के शिकार


कवर्धा   :- कबीरधाम जिले के पंडरिया विकास खंड अंतर्गत आनेवाली ग्राम पंचायत बिरहुलडीह के आश्रित ग्राम गभोड़ा  एक ऐसा ग्राम  हैं यहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आदिवासी बनवासी लोग अशिक्षा के शिकार हो भगवान भरोसे जीवन जी रहे हैं। 
      कबीरधाम जिले को बने हुए 27 साल बीते जा रहे हैं  तो वहीं छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण को भी 25 साल हो रहा है  । महात्मा ज्योतिवराव फूले द्वारा लिखी गई 1873 ईस्वी की बात आजादी के 78 साल बाद भी सच साबित हो रही हैं।
 "विद्या बिना मति गई,मति बिना नीति गई , नीति बिना गति गई, गति बिना  शुद गया"।।, इतने अनर्थ अकेले  अविद्या ने किए।

कहने के लिए प्राथमिक शाला संकुल बदना के अंदर खोल दी गई है। ग्रावासियों की बात सच है तो भारीभरकम शिखा विभाग में कार्यरत दो शिक्षक अध्यापन कार्य कराने शाला नही आते हैं। ब्लाक शिक्षा अधिकारी अपने असंवेदनशीलता को उजागर करते हुए इस संबंध में बैगाओं को अन्यत्र विस्थापित करने की सलाह देते हैं। जिला प्रशासन भी गभोड़ा के विषय पर पूर्णरूपेण गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। जिले को पूर्ण विद्युतीकृत बताया जा रहा है किंतु गभोड़ा अछूता है। दिन में सूर्य की रोशनी मिल रही है।अंधेरी कालीरात प्रकाश बिना बीहड़ जंगल में जहरीले व खूंखार जानवरों के भय से भगवान भरोसे काट रहे हैं। कबीरधाम पूर्ण साक्षरता का प्रमाण पत्र ले लिया है पर जहां शिक्षक अध्यापन कराने नही जाते हों स्कूल भवन जर्जर हो तो शिक्षा के संबंध में बात करना ही बेइमानी है।  कहते हैं सड़क यातायात ग्रामों एवं शहरों का विकास करता है।  गभोड़ा में आवागमन के साधन नही हैं। यहां सरकार और प्रशासन की नजर नही जारी है ये बात कहें तो किसी को आश्चर्य नही होना चाहिए। आजादी के 78 साल में लोग आशमान पर अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे हैं किंतु गभोड़ा के बैगा आदिवासी बनवासियों को सड़क नसीब नहीं है। रोटी कपड़ा मकान रोटी प्रकृति के  गोद से असिंचित खेतीकर जुगाड़ करते हैं,सरकारी राशन के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। तन ढकने के लिए कपड़ा वनोपज या फिर गांव में मिलने वाली रोजगार से खरीद कर पहनते हैं। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना में से एक मकान निर्माण है प्रधानमंत्री आवास और जनमन योजना से निर्माण होने वाली भवन भी सरकारी कर्मचारी सचिव रोजगार सहायक के भ्रष्टाचार के शिकार हो गया है। ग्रामवासियों के शिकायत का कोई मोल नही है। 
 
  विभिन्न पंजीकृत अपंजीकृत सामाजिक संगठन कार्य करने की दावे धराशाई व खोखले साबित हो रहे हैं। बिन पानी सब सुन। पानी के बिना जीवन अधूरा है । गभोड़ा में बैगा  जनजाति मूलभूत सुविधाओं से वंचित तो हैं ही  असुरक्षित झिरिया कुआं का पानी पी रहे हैं। हमारे  संवाददाता ने जिम्मेदार अफसर जिला पंचायत सीईओ से मोबाइल नंबर 9644134816 पर बात करने का प्रयास किया तो बात करना उचित नही समझा है । दो दिन से कार्यालय उपस्थित हो ग्राम पंचायत बिरहुलडीह के आश्रित ग्राम गभोड़ा की समस्या के संबंध में बात करना चाहा है। किंतु अधिकारी को बात करने की फुर्सत नही है। अब देखने वाली बात ये है कि समाचार प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन और सरकार कौन सी कदम उठाती है जिससे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र बैगाओं को लाभ मिल सकेगा तथा जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी ।

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