छत्तीसगढ़ / कबीरधाम

*विकास के दावों की खुली पोल : कबड्डी मैदान पर कब्जा*- ग्रामीण न्याय के लिए भटकने को मजबूर”

 पंडरिया/कवर्धा--

पंडरिया विधानसभा में विकास के बड़े-बड़े दावे और मंचों से किए जा रहे भाषण अब जमीनी हकीकत के सामने सवालों के घेरे में दिखाई देते नजर आ रहे हैं।
पंडरिया विधानसभा के ग्राम पंचायत मलकछरा में बच्चों के खेल और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित कबड्डी मैदान जो कि शासकीय भूमि पर स्थित है उस पर कथित रूप से अतिक्रमण का मामला सामने आया है, उक्त खेल मैदान जो बिना किसी सरकारी मदद के स्थानीय आम ग्रामीणों द्वारा तैयार किया गया है जहां पूरे ग्राम वाशियो द्वारा चंदा कर विगत 20 वर्षों से अधिक समय से राज्यस्तरीय व जिला स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता करवाई जाती है उक्त मैदान से सभी ग्रामीणों की पहचान और भावनात्मक समर्पण जुड़ा हुआ है वही आज अतिक्रमण के चपेट में है। वहीं इस मामले मे शासन प्रशासन जवाबदार जनप्रतिनिधियो के उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शासन-प्रशासन को इस गंभीर मामले पर शिकायत देने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर पूरे ग्रामवासियों ने पंडरिया अनुविभागीय कार्यालय पहुंच कर जनसेवक आनंद सिंह की अगुवाई में न्याय की आवाज को बुलंद की है।

ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए आनंद सिंह तत्काल SDM कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि —
“जब गांव के बच्चों का खेल मैदान ही सुरक्षित नहीं है, तो आखिर विकास किस बात का किया जा रहा है?”

-आनंद सिंह ने प्रशासन और सत्ता पर उठाए सवाल-
आनंद सिंह ने कहा कि —
“एक तरफ सत्ता पक्ष विकास के ढोल नगाड़े पीट रहा है, दूसरी तरफ गांव की सार्वजनिक जमीन तक सुरक्षित नहीं है। अगर बच्चों के खेल मैदान पर कब्जा होगा और प्रशासन मौन रहेगा, तो यह जनता के अधिकारों के साथ अन्याय है।”
उन्होंने आगे कहा —
“गांव की सार्वजनिक भूमि, खेल मैदान और जनता के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो जनआंदोलन भी किया जाएगा।”

:ग्रामीणों की मांग:
कबड्डी मैदान से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए

दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई हो

खेल मैदान को सुरक्षित घोषित किया जाए
प्रशासन गांव की सार्वजनिक भूमि बचाने ठोस कदम उठाए।

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