देश-विदेश
पीएम मोदी ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का किया उद्घाटन
मेरठ। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के शेष हिस्से और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन कर दिया। इसके साथ ही 82.15 किलोमीटर लंबा पूरा हाई-स्पीड कॉरिडोर आम जनता के लिए शुरू हो गया है। परियोजना की कुल लागत लगभग 30,274 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह कॉरिडोर करीब 82.15 किलोमीटर लंबा है, जिसमें लगभग 70 किमी एलिवेटेड और 12 किमी भूमिगत ट्रैक शामिल है। उद्घाटन के मौके पर योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम और जयंत चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
शताब्दी नगर से मेरठ साउथ तक सफर
प्रधानमंत्री ने शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पर नमो भारत ट्रेन और मेरठ मेट्रो को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद वे मेरठ साउथ स्टेशन तक मेट्रो में सफर कर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों और अधिकारियों से बातचीत भी की।
बताया गया कि इस विशेष यात्रा में कुल 17 लोग शामिल रहे, जिनमें पांच स्कूली बच्चे, चार एमबीबीएस छात्र, पांच सफाईकर्मी और तीन युवा उद्यमी शामिल थे।
₹12,930 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मेरठ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मेरठ दक्षिण स्टेशन से जनसभा स्थल मोहिउद्दीनपुर के लिए रवाना हुए।
परियोजना के शुरू होने से दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
नक्सली महासचिव देवजी ने किया आत्मसमर्पण, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हैदराबाद । प्रतिबंधित नक्सली संगठन के कथित महासचिव टिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी के तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, देवजी ने अपने साथी केंद्रीय समिति सदस्य (सीसीएम) संग्राम के साथ हथियार डाल दिए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि देवजी को कुछ महीने पहले ही संगठन का महासचिव बनाया गया था। इससे पहले पूर्व महासचिव नम्बाला केशव राव उर्फ बसवराजू मई 2025 में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए थे। यदि देवजी के आत्मसमर्पण की पुष्टि होती है, तो एक वर्ष के भीतर दूसरी बार संगठन शीर्ष नेतृत्व विहीन हो सकता है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि देवजी के साथ कई सशस्त्र कैडरों के भी आत्मसमर्पण की संभावना है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि 19 नवंबर 2025 को एक बड़े इनामी नक्सली माडवी हिड़मा के मारे जाने के बाद देवजी के भी मुठभेड़ में ढेर होने की खबरें सामने आई थीं। छत्तीसगढ़-आंध्रप्रदेश सीमा पर मारेडुमिल्ली के जंगलों में हुई मुठभेड़ में पोलित ब्यूरो सदस्य और महासचिव देवजी सहित सात नक्सलियों के मारे जाने की चर्चा हुई थी, लेकिन उसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
वर्ष 2025 से अब तक देवजी के मारे जाने या आत्मसमर्पण करने की खबरें बीच-बीच में सामने आती रही हैं। फिलहाल, तेलंगाना पुलिस की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
Sarvam AI का ‘Indus’ चैटबॉट : भारतीय भाषाओं के दम पर ChatGPT को चुनौती
नई दिल्ली । भारत के स्वदेशी स्टार्टअप Sarvam AI ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तेज़ रफ्तार दौड़ में कदम रखते हुए अपना नया एआई चैटबॉट ऐप ‘Indus’ लॉन्च किया है। कंपनी का दावा है कि यह ऐप पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है और खासतौर पर भारतीय यूज़र्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। Indus का सीधा मुकाबला OpenAI के ChatGPT और Google के Gemini जैसे लोकप्रिय एआई टूल्स से माना जा रहा है।
हर भारतीय भाषा में संवाद की सुविधा
ऐप लिस्टिंग के अनुसार, यूज़र्स Indus के साथ लगभग हर भारतीय भाषा में बातचीत कर सकते हैं। यह फीचर इसे देश के अलग-अलग राज्यों और भाषाई समुदायों के लिए अधिक सुलभ बनाता है। Sarvam AI ने हाल ही में ‘India AI Impact Summit 2026’ में अपने दो बड़े भाषा मॉडल — Sarvam-30B और Sarvam-105B — पेश किए थे। संभावना जताई जा रही है कि Indus इन्हीं भारत-निर्मित एआई मॉडलों में से किसी एक पर आधारित है।
Indus ऐप की प्रमुख विशेषताएं
1. वॉयस कमांड सपोर्ट
यूज़र टाइप करने के बजाय बोलकर सवाल पूछ सकते हैं। यह फीचर उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जो वॉयस-आधारित इंटरनेट उपयोग को प्राथमिकता देते हैं।
2. वेब सर्च और डीप रिसर्च क्षमता
Indus इंटरनेट पर खोज कर विस्तृत और स्पष्ट जवाब देने में सक्षम है।
3. डॉक्यूमेंट राइटिंग और एडिटिंग
यूज़र ऐप के भीतर ही दस्तावेज़ लिख और संपादित कर सकते हैं।
4. इमेज और पीडीएफ विश्लेषण
ऐप में फोटो, पीडीएफ और अन्य फाइल अपलोड की जा सकती हैं, जिन्हें एआई पढ़कर संबंधित सवालों के जवाब दे सकता है।
5. मल्टी-लैंग्वेज फ्लेक्सिबिलिटी
बातचीत के दौरान यूज़र अंग्रेज़ी से हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा में सहजता से स्विच कर सकते हैं, बिना किसी रुकावट के।
6. संभावित एआई एजेंट फीचर
ऐप में ऐसे एआई एजेंट शामिल हो सकते हैं जो कार्यों को स्वचालित रूप से पूरा करने में मदद करें।
फिलहाल वेटलिस्ट सिस्टम लागू
Indus ऐप Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध है, लेकिन अभी सभी यूज़र्स को तुरंत एक्सेस नहीं मिल रहा। कंपनी ने वेटलिस्ट सिस्टम लागू किया है। रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन जरूरी है, जिसके बाद यूज़र को अनुमति या निमंत्रण मिलने पर पूर्ण एक्सेस दिया जाएगा। माना जा रहा है कि कंपनी फिलहाल प्लेटफॉर्म का परीक्षण कर रही है।
क्या यह अन्य एआई टूल्स से बेहतर है?
यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि Sarvam AI वैश्विक दिग्गजों से बेहतर है या नहीं। वैश्विक मॉडल (जैसे GPT-सीरीज) रिसर्च, स्केल और डेटा की व्यापकता के कारण अधिक परिपक्व माने जाते हैं। Sarvam AI की ताकत इसकी स्थानीय समझ और भारतीय भाषाओं पर केंद्रित रणनीति है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी संस्था या सरकार को भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भ में काम करने वाला समाधान चाहिए, तो Sarvam AI उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, जटिल रिसर्च या अत्याधुनिक मल्टीमॉडल क्षमताओं में अभी वैश्विक टूल्स आगे माने जाते हैं।
यदि Sarvam AI अपने मॉडल को लगातार बेहतर बनाता है और बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराता है, तो Indus भारत के एआई इकोसिस्टम में मजबूत खिलाड़ी बन सकता है। आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा कि यह वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले प्रदर्शन के स्तर पर कितना टिक पाता है, लेकिन भारतीय भाषाई विविधता को केंद्र में रखकर बनाई गई इसकी रणनीति इसे खास बढ़त देती है।
एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, कई हिरासत में
नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रहे एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की गई और कुछ कार्यकर्ता शर्ट उतारकर विरोध करते नजर आए।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर विरोध
जानकारी के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग पवेलियन में जाकर प्रदर्शन कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ जैसे नारे लगाए, जिसके बाद सुरक्षा कर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विदेशी डेलीगेट्स की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को तत्काल हिरासत में लेकर स्थल से हटाया गया।
भाजपा का हमला
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह कांग्रेस की हताशा और घमंड को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को निशाना बनाने के नाम पर देश की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इसे देश के लिए शर्मनाक बताया। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि नेतृत्व का स्तर उसके समर्थकों के व्यवहार से झलकता है।
दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदर्शन को ‘देश की छवि धूमिल करने वाला’ बताया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘भारत विरोधी कृत्य’ करार दिया।
अंतरराष्ट्रीय सराहना का जिक्र
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि एआई शिखर सम्मेलन की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई सहित कई वैश्विक हस्तियों द्वारा भारत की एआई पहल की सराहना का हवाला दिया।
कांग्रेस का पक्ष
इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह विरोध केवल संगठन का नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है।
एडिशनल डीसीपी आनंद मिश्रा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद एआई समिट के मंच पर हुए इस विरोध को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
एआई कंटेंट पर सख्त नियम लागू, अब ‘AI Generated’ लेबल अनिवार्य
3 घंटे में हटाना होगा आपत्तिजनक सामग्री
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने एआई से तैयार फोटो, वीडियो और ऑडियो को लेकर सख्त दिशा-निर्देश लागू कर दिए हैं। 20 फरवरी 2026 से प्रभावी नए नियमों के तहत हर एआई जनरेटेड कंटेंट पर स्पष्ट रूप से ‘AI Generated’ लेबल लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक या गैर-कानूनी सामग्री को शिकायत मिलने के तीन घंटे के भीतर हटाना होगा।
10 फरवरी को जारी हुआ था नोटिफिकेशन
सरकार ने 10 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी की थी, जिसके बाद ये नियम आज से लागू हो गए। पहले आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए 36 घंटे की समयसीमा थी, जिसे घटाकर अब 3 घंटे कर दिया गया है।
पीएम ने भी उठाया था ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ का मुद्दा
19 फरवरी को आयोजित एआई समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाद्य पदार्थों पर न्यूट्रिशन लेबल होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए कि वह असली है या एआई से तैयार किया गया है।
एआई कंटेंट पर नए प्रावधान
1. ‘AI Generated’ स्टैम्प अनिवार्य
अब एआई से तैयार हर फोटो, वीडियो या ऑडियो के कोने में साफ तौर पर “AI Generated” या समान लेबल दिखाना जरूरी होगा। बिना लेबल के ऐसा कंटेंट पोस्ट नहीं किया जा सकेगा।
2. मेटाडेटा में ‘डिजिटल डीएनए’
हर एआई कंटेंट के मेटाडेटा में यह दर्ज होगा कि उसे कब और किस टूल से बनाया गया तथा सबसे पहले कहां अपलोड किया गया। यह डिजिटल पहचान जांच एजेंसियों को मूल स्रोत तक पहुंचने में मदद करेगी।
3. लेबल हटाने पर कार्रवाई
एआई कंटेंट से वॉटरमार्क या लेबल हटाना अब गैर-कानूनी माना जाएगा। प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी, जिससे लेबल या मेटाडेटा से छेड़छाड़ की कोशिश होने पर कंटेंट स्वतः ब्लॉक या हटाया जा सके।
4. चाइल्ड कंटेंट और डीपफेक पर सख्ती
बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री, धोखाधड़ी, हथियारों से जुड़ी जानकारी फैलाने या किसी की पहचान की नकल करने के लिए एआई का इस्तेमाल गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूजर और प्लेटफॉर्म दोनों जिम्मेदार
अब कंटेंट अपलोड करते समय यूजर को घोषित करना होगा कि सामग्री एआई से तैयार की गई है या नहीं। प्लेटफॉर्म्स को भी ऐसे टूल्स लगाने होंगे जो इस दावे की जांच कर सकें। बिना डिस्क्लोजर के एआई कंटेंट पब्लिश होने पर कंपनी की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, इन नियमों का मकसद “ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट” सुनिश्चित करना है। सरकार का कहना है कि इससे डीपफेक, फर्जी सूचना, पहचान की चोरी और चुनावी हेरफेर जैसी चुनौतियों पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
क्या है डीपफेक?
डीपफेक तकनीक में एआई टूल्स के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को इस तरह बदला या जोड़ा जाता है कि वह पूरी तरह वास्तविक प्रतीत हो। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने एआई कंटेंट पर सख्ती बढ़ा दी है।
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स्वयंभू के मेकर्स ने दी पोंगल-संक्रांति की शुभकामनाएं, जल्द आएगा एपिक टीज़र
मुंबई । कार्तिकेय फेम निखिल सिद्धार्थ अपनी आने वाली फिल्म स्वयंंभू में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, जो 2026 की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। एक हिस्टोरिकल एक्शन एपिक, स्वयंंभू में संयुक्ता और नाभा नटेश भी लीड रोल में हैं। हाल ही में, मेकर्स ने 'राइज ऑफ स्वयंंभू' नाम के एक वीडियो के साथ फिल्म की शूटिंग खत्म होने की घोषणा की, जिसमें फिल्म की भव्यता और उसकी शानदार दुनिया की पर्दे के पीछे की झलक दिखाई गई। इस वीडियो को दर्शकों से ज़बरदस्त प्यार मिला।
जैसे-जैसे फिल्म अपनी रिलीज़ के करीब आ रही है, मेकर्स ने मकर संक्रांति और पोंगल के मौके पर दर्शकों को शुभकामनाएं देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और निखिल सिद्धार्थ का एक शानदार पोस्टर शेयर किया। बिल्कुल अलग अवतार में दिखे एक्टर ने हल्के लंबे बाल, घनी मूंछें और दाढ़ी रखी हुई है। एक्साइटमेंट को और बढ़ाते हुए, मेकर्स ने एक बड़ा अपडेट भी दिया, जिसमें बताया कि एक ज़बरदस्त टीज़र बहुत जल्द आने वाला है, जिससे फिल्म के लिए उत्सुकता और बढ़ गई है।पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “इस त्योहार पर, आइए हम सब अपनी ज़िंदगी में उम्मीद, हिम्मत और खुशी लाएं टीम #Swayambhu सभी को संक्रांति / पोंगल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देती है
एक ज़बरदस्त टीज़र बहुत जल्द आ रहा है
ICYM 'राइज़ ऑफ़ स्वयंभू'
https://bit.ly/RiseOfSwayambhu
@actor_nikhil @iamsamyuktha_ @NabhaNatesh @krishbharat20 @DOPSenthilKumar @RaviBasrur @TagoreMadhu @bhuvan_sagar @2vijaykamisetty #kingsolomon @silvastunt @ramjowrites @PixelStudiosoff @TimesMusicHub @MangoMassMedia @WhackedOutMedia @jungleemusicSTH @PharsFilm”
https://x.com/i/status/2011672796116726112
यह फिल्म इंडस्ट्री के टॉप टेक्नीशियन और क्रिएटिव लोगों की एक शानदार टीम को एक साथ लाती है। डायरेक्टर भरत कृष्णमाचारी के डायरेक्शन में बने इस प्रोजेक्ट में KGF और सलार फेम के रवि बसरूर का म्यूज़िक, बाहुबली और RRR के सिनेमैटोग्राफर केके सेंथिल कुमार के शानदार विज़ुअल्स और बाहुबली के तम्मीराजू की एडिटिंग के साथ-साथ कई दूसरे जाने-माने टैलेंट भी शामिल हैं। 170 दिनों की शानदार शूटिंग के साथ, यह प्रोजेक्ट हाल के समय के सबसे बड़े प्रोडक्शन में से एक है।
स्वयंभू को पिक्सेल स्टूडियोज़ के भुवन और श्रीकर ने प्रोड्यूस किया है। भारत के समृद्ध इतिहास और शाश्वत गौरव को एक महाकाव्य श्रद्धांजलि के रूप में पेश की गई यह फिल्म 13 फरवरी, 2026 को महाशिवरात्रि के मौके पर दुनिया भर में रिलीज़ होने वाली है।
सुप्रीम कोर्ट से ममता सरकार को झटका, ईडी अधिकारियों पर FIR पर रोक
नई दिल्ली (वीएनएस)। I-PAC छापेमारी मामले में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को जिन परिसरों में तलाशी ली गई थी, वहां की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि ईडी की याचिका में राज्य सरकार द्वारा कथित हस्तक्षेप से जुड़े गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं, जिनकी जांच जरूरी है।
ममता बनर्जी और डीजीपी को नोटिस
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के डीजीपी राजीव कुमार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राजनीतिक परामर्श देने वाली कंपनी I-PAC के कार्यालय और इसके संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान कथित हस्तक्षेप को लेकर जारी किया गया है।
पीठ ने ईडी की ओर से सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर भी ममता बनर्जी और डीजीपी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि ईडी की याचिकाओं में कई गंभीर सवाल सामने आए हैं।
हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई
सुप्रीम कोर्ट जाने से पहले ईडी ने 9 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट परिसर में भारी हंगामे के कारण सुनवाई नहीं हो सकी थी।
सुप्रीम कोर्ट में ईडी की दलील
ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बेहद चौंकाने वाला पैटर्न दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं केंद्रीय एजेंसियों को हतोत्साहित करेंगी और राज्य सरकारों को गलत संदेश जाएगा।
मेहता ने आरोप लगाया कि I-PAC कार्यालय में आपत्तिजनक सामग्री मौजूद थी और छापेमारी के दौरान राज्य मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भीड़ जुटाकर न्यायिक प्रक्रिया को बाधित किया गया।
“क्या हाईकोर्ट को जंतर-मंतर बना दिया गया?”
सुनवाई के दौरान जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने सवाल किया कि क्या हाईकोर्ट को जंतर-मंतर में तब्दील कर दिया गया था। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए बड़ी संख्या में वकीलों को एकत्र किया गया, जिससे अराजक स्थिति पैदा हो गई।
कपिल सिब्बल की दलील
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसी भी उपकरण को ले जाने का दावा झूठा है और यह पंचनामा से स्पष्ट है। उन्होंने इसे पूर्वाग्रह फैलाने की कोशिश बताया।
इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा कि मामले में विरोधाभास हैं और जांच जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी करने से रोका नहीं जा सकता।
फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है और आने वाली सुनवाइयों में इस पर बड़ा फैसला आने की संभावना है।
सिलेंडर फटने के बाद घर में लगी आग, एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत
सिरमौर । हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जिले के श्रीरेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली धनडूरी पंचायत के तलंगाना गांव में देर रात 3 बजे आग लगने से एक ही परिवार के 6 लोगों की जलकर मौत हो गई है। मरने वालों में कविता देवी पत्नी लोकेंद्र सिंह, सारिका 9 साल, कृतिका 3 साल, तृप्ता देवी 44 साल तथा नरेश कुमार शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा बीती रात दो से तीन बजे के बीच मोहन लाल के घर में हुआ, जहां प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
आग की चपेट में आकर एलपीजी सिलेंडर फट गया, जिससे पूरा मकान जलकर राख हो गया। इस हादसे में कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है। एक व्यक्ति को घायल अवस्था में रेस्क्यू कर राजगढ़ अस्पताल रेफर किया गया है।
बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने जताया शोक
इस हृदयविदारक घटना पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद सुरेश कश्यप, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा शांता कुमार ने इस हृदय विदारक हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने अपने शोक संदेश में कहा कि सिरमौर के नौहराधार क्षेत्र में हुए इस दर्दनाक अग्निकांड की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। एक ही परिवार के छह सदस्यों का इस प्रकार असमय काल के गाल में समा जाना पूरे प्रदेश के लिए गहरा आघात है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति दें। घायल व्यक्ति के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी हम कामना करते हैं।
भाजपा नेतृत्व ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता, उचित मुआवजा तथा राहत एवं पुनर्वास की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। पार्टी इस दुःख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी: 2026 रैंकिंग में 5 पायदान ऊपर, 55 देशों में वीजा-फ्री एंट्री
भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक ताकत में सुधार हुआ है। हेनली एंड पार्टनर्स की पासपोर्ट इंडेक्स 2026 रैंकिंग में भारत 5 स्थान की छलांग लगाकर 85वें से 80वें नंबर पर पहुंच गया है। नई रैंकिंग के मुताबिक भारतीय नागरिक अब 55 देशों में वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं।
पिछले साल 2025 में भारत की रैंक 85 थी, जबकि 2024 में भी भारत 80वें स्थान पर था। यानी 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर से सुधार देखने को मिला है, हालांकि वीजा-फ्री यात्रा वाले देशों की संख्या में 2 की कमी आई है।
पाकिस्तानी और बांग्लादेशी पासपोर्ट सबसे कमजोर में शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी पासपोर्ट दुनिया का 5वां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। पाकिस्तान की नई रैंकिंग 98वीं है, जबकि 2025 में उसकी रैंक 103 थी। पाकिस्तानी नागरिक फिलहाल 31 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं।
वहीं बांग्लादेशी पासपोर्ट 95वें स्थान पर है और इसे दुनिया का 8वां सबसे कमजोर पासपोर्ट माना गया है।
सिंगापुर का दबदबा बरकरार
सिंगापुर लगातार दूसरे साल दुनिया का सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है। सिंगापुरी नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिक 188 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं। डेनमार्क, लक्समबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड 186 देशों में वीजा-फ्री पहुंच के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
अफगानिस्तान सबसे नीचे
अफगानिस्तान का पासपोर्ट एक बार फिर दुनिया का सबसे कमजोर साबित हुआ है। यह 101वें स्थान पर है और सूची में सबसे नीचे बना हुआ है।
कैसे तय होती है पासपोर्ट रैंकिंग
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स साल में दो बार—जनवरी और जुलाई—जारी किया जाता है। रैंकिंग इस आधार पर तय होती है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीजा यात्रा कर सकता है। इसमें वीजा-फ्री और वीजा-ऑन-अराइवल दोनों को शामिल किया जाता है। पूरे साल वीजा नीतियों में बदलाव के आधार पर डेटा अपडेट होता रहता है।
क्या होता है पासपोर्ट
पासपोर्ट किसी देश की सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज होता है, जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता को प्रमाणित करता है। यह विदेश यात्रा के लिए एक वैध पहचान पत्र माना जाता है।
हर साल 2 लाख लोग छोड़ रहे भारतीय नागरिकता
इधर, भारतीय नागरिकता छोड़ने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विदेश मंत्रालय ने संसद को बताया कि पिछले 5 सालों में करीब 9 लाख भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़ी है।
राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 2011 से 2024 के बीच लगभग 21 लाख भारतीयों ने विदेशी नागरिकता अपनाई है। सरकार के मुताबिक 2021 के बाद इस संख्या में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रयागराज माघ मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
प्रयागराज । गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को सुबह से ही संगम पहुंचने वाले सभी मार्गों पर भीड़ देखी गई। एंट्री प्वॉइंट पर ही वाहनों को रोक दिया गया गया है। एटीएस, पुलिस और पैरामिलिट्री के जवान मेले में सघन निगरानी में जुट गए हैं। बृहस्पतिवार को मकर संक्रांति स्नान के चलते एक दिन पहले ही श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और यह क्रम लगातार जारी है।
मकर संक्रांति स्नान के लिए संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी हो गया है। माघ मेले तक आने वाले सभी मार्गों पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। एंट्री प्वॉइंट पर ही वाहनों को रोक दिया जा रहा है। मेले के बाहर बनाए गए पार्किंग में वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। मेले में पुलिस और सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ गई है।
एटीएस के साथ पैरामिलिट्री के लोग संगम समेत सभी घाटों पर निगरानी कर रहे हैं। संगम वॉच टॉवर से पूरे मेला क्षेत्र और स्नान घाटों की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का क्रम जारी है। बुधवार को दोपहर बाद से ही सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।
एकादशी पर उमड़ी भीड़
बुधवार को एकादशी पर संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दोपहर बाद स्नान का योग होने के कारण बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने बुधवार को भी डुबकी लगाई। चंदौली से आए राम किशोर तिवारी ने बताया कि वह परिवार के साथ मेले में आए हैं। आज भी स्नान किया है और कल बृहस्पतिवार को भी स्नान करके बाद घर के लिए निकलेंगे।
जल पुलिस और एनडीआरएफ सक्रिय
माघ मेले में मकर संक्रांति पर उमड़ी भीड़ के मद्देनजर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ जल पुलिस टीमें सक्रिय हो गई हैं। घाटों की लगातार निगरानी की जा रही है। घाटों पर गहराई वाले स्थानों को चिन्हित कर संकेतक लगाए गए हैं। घाटों को तैयार करने का कार्य बुधवार को दिन भर चलता रहा।
संगम तट पर श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बुधवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। दोपहर होते-होते संगम आने वाले सभी प्रवेश मार्गों पर भारी भीड़ जमा हो गई। लाखों श्रद्धालु स्नान के बाद गंतव्य के लिए लौटे।
एंट्री प्वॉइंट पर रोके गए वाहन
बुधवार को मकर संक्रांति की भीड़ बढ़ने के बाद वाहनों का प्रवेश मेले में पूरी तरह से रोक दिया गया। सभी मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। जौनपुर, लखनऊ, प्रतापगढ़, भदोही, वाराणसी, अयोध्या, मध्य प्रदेश, कानपुर मार्ग पर वाहनों के लिए पार्किंग बनाए गए हैं। मेले में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया है।
हाईकोर्ट में ईडी छापेमारी विवाद पर जारी है सुनवाई, सीबीआई जांच की मांग
कोलकाता । पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी से जुड़े विवाद पर आज कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही है। इससे पहले 9 जनवरी को इस मामले की सुनवाई तय तारीख पर नहीं हो सकी थी। अदालत परिसर में भारी भीड़ जमा होने के कारण कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी थी।
ईडी का आरोप
ईडी ने 9 जनवरी को दायर अपनी याचिका में दावा किया है कि इस घटना में राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक नेतृत्व की सीधी भूमिका रही और पुलिस बल का दुरुपयोग किया गया। एजेंसी ने अदालत से सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने और मुख्यमंत्री सहित सभी कथित रूप से संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच के निर्देश देने की मांग की है।
ईडी का कहना है कि जब राज्य में प्रभावशाली और शक्तिशाली लोगों पर संज्ञेय अपराधों में शामिल होने के आरोप हों, तो जांच सीबीआई को सौंपना जरूरी है। एजेंसी ने इस संदर्भ में कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला भी दिया है।
इसके साथ ही ईडी ने तलाशी के दौरान कथित रूप से जबरन ले जाए गए डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, स्टोरेज मीडिया और दस्तावेजों को तत्काल जब्त कर सील करने, उनका फोरेंसिक संरक्षण करने और उन्हें ईडी की कानूनी हिरासत में वापस देने की मांग की है।
टीएमसी की याचिका
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। टीएमसी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पार्टी बंगाल में एसआईआर के खिलाफ आवाज उठा रही है, इसी कारण ईडी ने उसके पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी ऑफिस I-PAC और इसके को-फाउंडर के आवास पर छापेमारी की।
टीएमसी का आरोप है कि ईडी ने गैर-कानूनी तरीके से गोपनीय डेटा जब्त किया है और यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई।
क्या है पूरा मामला
ईडी ने 8 जनवरी को कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC के सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस की मदद से जैन के आवास में जबरन दाखिल हुईं और अधिकारियों के विरोध के बावजूद अहम डिजिटल सबूत और दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
एजेंसी के मुताबिक, इस हस्तक्षेप के कारण तलाशी अभियान प्रभावित हुआ और कोई भी जब्ती नहीं हो सकी। अब इस पूरे विवाद पर हाईकोर्ट की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किये गए निकोलस मादुरों
न्यूयॉर्क - वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो, जिन्हें अमेरिका ने पकड़कर नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद के आरोपों में मुकदमे के लिए न्यूयॉर्क लाया है, ने एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश के सामने कहा कि वह निर्दोष हैं और खुद को “युद्ध बंदी” मानते हैं। सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें पहली बार अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान उन्होंने एक ट्रांसलेटर के जरिए कहा, "मैं एक किडनैप किया गया राष्ट्रपति हूं। मैं एक युद्ध बंदी हूं।" अमेरिका की डेल्टा फोर्स के जवानों ने शनिवार सुबह एक सटीक सैन्य अभियान में वेनेजुएला के एक सैन्य अड्डे से मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया और हवाई जहाज से न्यूयॉर्क ले आए।
अदालत में हुई यह सुनवाई औपचारिक थी। इस दौरान मादुरो और उनकी पत्नी दोनों ने 25 पन्नों की चार्जशीट में लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया और खुद को निर्दोष बताया। मादुरो ने कहा, मैं निर्दोष हूं। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। मैं एक सभ्य व्यक्ति हूं और आज भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं। सिलिया फ्लोरेस ने भी अदालत से कहा, मैं वेनेजुएला गणराज्य की प्रथम महिला हूं।जब मादुरो ने अपने अपहरण की बात शुरू की, तो न्यायाधीश एल्विन हेलरस्टीन ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उन्हें अदालत के सामने सिर्फ अपनी पहचान बतानी है। मादुरो के वकील बैरी पोलॉक ने अदालत में कहा कि वह यह सवाल उठा सकते हैं कि किसी देश के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी कानूनी है या नहीं, क्योंकि उन्हें संप्रभु सुरक्षा (इम्युनिटी) मिलनी चाहिए, और यह भी कि उनका सैन्य तरीके से पकड़ा जाना कितना वैध है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि मादुरो को लाने की कार्रवाई कानून लागू करने की प्रक्रिया थी, न कि कोई युद्ध।
मादुरो और फ्लोरेस को एक संघीय हिरासत केंद्र में रखा गया है, जिसकी हालत को लेकर खुद जज भी आलोचना कर चुके हैं। कभी सख्त शासन करने वाले मादुरो अब आम कैदी की तरह दिख रहे थे। उन्होंने साधारण कपड़े पहन रखे थे और उनके साथ सुरक्षाकर्मी थे। अदालत कक्ष में प्रवेश करते समय, अमेरिकी मार्शलों से घिरे मादुरो ने सभी को स्पेनिश में "ब्यूनस डियास", यानी “शुभ दिन” कहा।
सिलिया फ्लोरेस के माथे पर पट्टी बंधी हुई थी। उनके वकील मार्क डॉनेली ने बताया कि अमेरिकी बलों द्वारा पकड़े जाने के समय उन्हें चोट लगी थी और उनकी कुछ पसलियां टूट सकती हैं। मादुरो और फ्लोरेस पर पर मुख्य आरोपों में नार्को-टेररिज्म की साजिश शामिल है, जिसमें कथित तौर पर वेनेजुएला की सेना और खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करके कोकीन की खेप को अमेरिका में तस्करी करने का आरोप है। इसी कारण उन पर नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद की साजिश का आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों को मजबूत करने के लिए, उन पर मशीनगन और खतरनाक हथियार रखने के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, उन पर कोलंबिया के आतंकवादी संगठनों से सहयोग करने का भी आरोप है। मादुरो पर लगे कुछ आरोप ऐसे हैं, जिनमें दोषी साबित होने पर मौत की सजा तक हो सकती है।नशीले पदार्थों की कमाई को इधर-उधर करने के आरोप में मादुरो पर धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) का मामला भी दर्ज किया गया है। सिलिया फ्लोरेस पर नशा तस्कर गिरोहों से जुड़ी रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन से एकजुट रहने की अपील की
वाशिंगटन - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मध्यावधि चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत का दावा करते हुए हाउस रिपब्लिकन सदस्यों से एकजुट रहने और राजनीतिक इतिहास को बदलने का आह्वान किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बैठक में स्पीकर माइक जॉनसन का समर्थन किया और सभी सदस्यों को अपने एजेंडे के साथ एकजुट करने की कोशिश की। राष्ट्रपति ट्रंप ने सभा में कहा है कि रिपब्लिकन एक अभूतपूर्व परिणाम की स्थिति में है। उन्होंने कहा, अब हम इतिहास रचने जा रहे हैं और शानदार मध्यावधि चुनाव में जीत के साथ रिकॉर्ड तोड़ेंगे, जिसे हम हासिल करने वाले हैं।
मध्यावधि चुनाव आम तौर पर व्हाइट हाउस में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए मुश्किल माने जाते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको स्वीकार किया, लेकिन तर्क दिया कि उनकी राष्ट्रपति पद की अवधि ने इस समीकरण को बदल दिया है। उन्होंने कहा, "जो लोग राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, उनके साथ ऐसा नहीं होता। भले ही राष्ट्रपति पद सफल रहा हो, वे चुनाव नहीं जीत पाते।उन्होंने मौजूदा हाउस बहुमत को उसके सीमित अंतर के बावजूद असामान्य रूप से एकजुट बताया। ट्रंप ने कहा, यह कोई बड़ा बहुमत नहीं है, लेकिन यह एकजुट बहुमत है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 2025 में 12 महीनों की अभूतपूर्व सफलता दिलाई है।
अपने एक घंटे से अधिक चले भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने हाउस नेतृत्व की सराहना की और स्पीकर माइक जॉनसन का बिना शर्त समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है। साथ ही, ट्रंप ने सीमित रिपब्लिकन बहुमत की बाधाओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, "जब आपके पास तीन का बहुमत हो तो आप सख्त नहीं हो सकते। वहीं, ट्रंप ने चेतावनी दी कि आंतरिक विभाजन विधायी प्रयासों को पटरी से उतार सकते हैं।
इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिनिधि डग लामाल्फा को श्रद्धांजलि दी, जिनका एक दिन पहले निधन हो गया। कैलिफोर्निया के पानी से जुड़े मुद्दों के लिए लामाल्फा को याद करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम एक महान सदस्य के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लामाल्फा 100 प्रतिशत समय मेरे साथ वोट करते थे और ऐसे सदस्य थे जिन्हें कभी मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। ट्रंप ने यह भी बताया कि प्रतिनिधि जिम बेयर्ड और उनकी पत्नी एक गंभीर कार दुर्घटना से उबर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे ठीक हो जाएंगे।
अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ट्रंप ने पार्टी अनुशासन और एकता को चुनावी सफलता के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बस साथ रहें। रिपब्लिकन के पास 'सभी नीतियां' हैं, जबकि डेमोक्रेट्स गोंद की तरह एक साथ रहते हैं। ट्रंप ने कहा, उनकी पॉलिसी बहुत खराब है, लेकिन वे एक साथ रहते हैं। राष्ट्रपति ने रिपब्लिकन सदस्यों से अनुरोध किया कि वे उनके संदेश को अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका
नई दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश सामग्री के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत होते हैं।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धाराएं लागू होती हैं। ऐसे मामलों में कानून की कठोर शर्तों को देखते हुए इस चरण पर जमानत देना उचित नहीं होगा।
हालांकि, इसी केस में अन्य पांच आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दे दी गई है।कोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे विपक्ष, खासकर कांग्रेस के लिए झटका बताते हुए तीखा हमला बोला। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए जवाब है जो लंबे समय से इन आरोपियों का राजनीतिक बचाव कर रहे थे।गौरतलब है कि उमर खालिद, शरजील इमाम और अन्य पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश रचने का आरोप है। दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।